---Advertisement---

स्मार्टफोन सेटिंग्स: एक्सपर्ट गाइड जो परफॉरमेंस और प्राइवेसी बढ़ाए

On: June 5, 2026 5:30 PM
Follow Us:
---Advertisement---

एक Android Expert और App Developer के तौर पर, मैंने हज़ारों स्मार्टफोन्स को करीब से देखा है। मैं आपको बता सकता हूँ कि ज़्यादातर यूज़र्स अपने फोन की असली क्षमता का सिर्फ 40-50% ही इस्तेमाल कर पाते हैं, और इसकी मुख्य वजह है सेटिंग्स को नज़रअंदाज़ करना। आपका स्मार्टफोन सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि एक पावरहाउस है जिसके अंदर अनगिनत विकल्प छिपे हैं जो आपकी दैनिक ज़रूरतों को बेहतर बना सकते हैं। आज, मैं Vinod Kumar, आपको उन ज़रूरी सेटिंग्स के बारे में विस्तार से बताऊंगा जो आपके फोन की बैटरी लाइफ, परफॉरमेंस, प्राइवेसी और ओवरऑल यूज़र एक्सपीरियंस को क्रांतिकारी तरीके से बदल देंगी। यह सिर्फ “कैसे करें” नहीं है, बल्कि “क्यों करें” और “क्या करें” की गहरी समझ है।

बैटरी ऑप्टिमाइजेशन: अपनी डिवाइस को जीवन दें

सबसे पहले, बात करते हैं बैटरी की। यह एक ऐसी चीज़ है जिसकी शिकायत हर दूसरा स्मार्टफोन यूज़र करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार यह आपकी गलती नहीं, बल्कि आपकी सेटिंग्स की कमी होती है? आधुनिक Android फोन्स में बैटरी मैनेजमेंट के लिए बेहद शक्तिशाली टूल्स होते हैं, जिनका सही इस्तेमाल आपकी बैटरी लाइफ को 20-30% तक बढ़ा सकता है।

1. एडेप्टिव बैटरी (Adaptive Battery) और ऐप स्टैंडबाय (App Standby)

यह Android 9 Pie के बाद से एक गेम-चेंजर फीचर है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके सीखता है कि आप कौन से ऐप्स कब और कितनी बार इस्तेमाल करते हैं। फिर, यह उन ऐप्स को सीमित करता है जिनका आप कम उपयोग करते हैं, जिससे वे बैकग्राउंड में बैटरी खर्च न करें।

  1. सेटिंग्स तक पहुँचें: अपने फोन की Settings ऐप खोलें।
  2. बैटरी सेक्शन: नीचे स्क्रॉल करें और Battery विकल्प पर टैप करें। (आपको Device Care या Digital Wellbeing & Parental Controls के अंदर भी यह मिल सकता है।)
  3. एडेप्टिव बैटरी: Adaptive Battery या Battery Optimization पर टैप करें। सुनिश्चित करें कि यह On है।
  4. ऐप स्टैंडबाय/ऐप बैटरी यूसेज: इसी सेक्शन में, आपको App Standby या App battery usage जैसा विकल्प मिलेगा। यहां आप देख सकते हैं कि कौन से ऐप्स कितनी बैटरी इस्तेमाल कर रहे हैं। जिन ऐप्स का आप कम उपयोग करते हैं, उनके लिए Restricted या Optimized का विकल्प चुनें। Unrestricted सिर्फ उन ऐप्स के लिए रखें जिन्हें हमेशा फुल परफॉरमेंस की ज़रूरत होती है, जैसे मैसेजिंग ऐप्स या वर्क-रिलेटेड टूल्स।

यह क्यों मायने रखता है:
यह सेटिंग आपके फोन को स्मार्ट बनाती है। यह आपकी यूसेज पैटर्न को समझकर अपने आप बैटरी को मैनेज करती है। मैंने देखा है कि यूज़र्स अक्सर ऐप्स को मैन्युअल रूप से बंद करने की कोशिश करते हैं, जो वास्तव में बैटरी को ज़्यादा खर्च करता है क्योंकि ऐप को हर बार नए सिरे से लोड होना पड़ता है। एडेप्टिव बैटरी इस समस्या को हल करती है, जिससे आपकी बैटरी 25% तक ज़्यादा चल सकती है। खासकर, अगर आपके पास 2-3 साल पुराना फोन है, तो यह सेटिंग आपके लिए वरदान साबित होगी।

“गलत धारणा है कि बैकग्राउंड ऐप्स को मैन्युअल रूप से बंद करने से बैटरी बचती है। असल में, Android का अपना मेमोरी मैनेजमेंट सिस्टम होता है जो ऐप्स को प्रभावी ढंग से मैनेज करता है। बार-बार ऐप्स बंद करने से सिस्टम को हर बार उन्हें फिर से लोड करना पड़ता है, जो ज़्यादा पावर लेता है।”

2. बैकग्राउंड डेटा और वाई-फाई स्कैनिंग थ्रॉटलिंग

कई ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार डेटा का उपयोग करते हैं, भले ही आप उन्हें इस्तेमाल न कर रहे हों। यह न केवल आपकी बैटरी खत्म करता है, बल्कि आपका मोबाइल डेटा भी।

  1. बैकग्राउंड डेटा प्रतिबंधित करें: Settings > Apps > ऐप चुनें > Mobile data & Wi-Fi > Background data को Off करें। यह उन ऐप्स के लिए अच्छा है जिन्हें आप तुरंत अपडेट नहीं चाहते।
  2. वाई-फाई स्कैनिंग थ्रॉटलिंग (Android 10+): Settings > Location > Wi-Fi and Bluetooth scanning में जाकर Wi-Fi scanning और Bluetooth scanning दोनों को Off कर दें।

यह क्यों मायने रखता है:
वाई-फाई स्कैनिंग थ्रॉटलिंग आपके फोन को लगातार नए वाई-फाई नेटवर्क खोजने से रोकता है, जो बैटरी का एक बड़ा हिस्सा खा जाता है। बैकग्राउंड डेटा प्रतिबंध से आप अपने डेटा और बैटरी दोनों को बचाते हैं। कल्पना कीजिए, यदि आपके फोन में 10-15 ऐप्स ऐसे हैं जो लगातार बैकग्राउंड में डेटा ले रहे हैं, तो इससे आपकी बैटरी का 10-15% हिस्सा अनावश्यक रूप से खर्च हो सकता है। यह उन लोगों के लिए बहुत ज़रूरी है जो बैटरी ऑप्टिमाइजेशन को गंभीरता से लेते हैं।

प्राइवेसी और सिक्योरिटी: अपनी डिजिटल लाइफ को सुरक्षित करें

आपका स्मार्टफोन आपकी पूरी डिजिटल दुनिया है। आपकी तस्वीरें, मैसेज, बैंक डिटेल्स — सब कुछ इसमें है। इसे सुरक्षित रखना आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मैं अक्सर देखता हूं कि यूज़र्स प्राइवेसी सेटिंग्स को हल्के में लेते हैं, और यह एक बड़ी गलती है।

1. ऐप परमिशन्स (App Permissions)

यह सबसे महत्वपूर्ण प्राइवेसी सेटिंग है जिसे अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है। कोई भी ऐप इंस्टॉल करते समय, हम अक्सर सभी परमिशन्स को बिना पढ़े ‘Allow’ कर देते हैं। यह आपकी प्राइवेसी के लिए एक बड़ा खतरा है।

  1. सेटिंग्स तक पहुँचें: Settings > Apps या Apps & Notifications पर जाएं।
  2. परमिशन मैनेजर: Permission Manager या App permissions पर टैप करें।
  3. व्यक्तिगत परमिशन्स: यहां आपको लोकेशन (Location), माइक्रोफोन (Microphone), कैमरा (Camera), कॉन्टैक्ट्स (Contacts), स्टोरेज (Storage) जैसी परमिशन्स की लिस्ट मिलेगी।
  4. समीक्षा और बदलाव: प्रत्येक परमिशन पर टैप करें। आपको उन ऐप्स की लिस्ट दिखेगी जिन्हें यह परमिशन मिली हुई है। उदाहरण के लिए, Location पर टैप करें। क्या आपके टॉर्च ऐप को आपकी लोकेशन की ज़रूरत है? बिल्कुल नहीं! ऐसे ऐप्स के लिए परमिशन को Don’t allow या Ask every time पर सेट करें। Android 11+ में आपको Allow only while using the app का विकल्प भी मिलता है, जो सबसे सुरक्षित है।

यह क्यों मायने रखता है:
यह आपको अपने डेटा पर नियंत्रण देता है। क्या आप चाहते हैं कि एक गेमिंग ऐप आपके माइक्रोफोन को हमेशा एक्सेस करे? नहीं। क्या एक वेदर ऐप को आपके कॉन्टैक्ट्स की ज़रूरत है? बिल्कुल नहीं। गलत परमिशन्स देने से आपकी निजी जानकारी लीक हो सकती है या थर्ड-पार्टी कंपनियों को बेची जा सकती है। मैंने कई ऐसे मामले देखे हैं जहां ऐप्स ने अनुचित परमिशन्स का फायदा उठाकर यूज़र्स का डेटा चोरी किया है। अपनी ऐप प्राइवेसी को सुरक्षित रखना आपकी ज़िम्मेदारी है।

“हमेशा याद रखें, अगर कोई ऐप ऐसी परमिशन मांग रहा है जिसकी उसके मुख्य कार्य के लिए ज़रूरत नहीं है, तो उसे अनुमति न दें। यह एक लाल झंडा (red flag) है। आपकी प्राइवेसी कोई मज़ाक नहीं है।”

2. प्राइवेसी डैशबोर्ड (Privacy Dashboard) – Android 12+

Android 12 एक अद्भुत फीचर लेकर आया है: प्राइवेसी डैशबोर्ड। यह एक केंद्रीय स्थान है जहां आप देख सकते हैं कि पिछले 24 घंटों में किस ऐप ने आपकी किन परमिशन्स (जैसे लोकेशन, कैमरा, माइक्रोफोन) का उपयोग किया है।

  1. सेटिंग्स तक पहुँचें: Settings > Privacy पर जाएं।
  2. प्राइवेसी डैशबोर्ड: Privacy Dashboard पर टैप करें।
  3. एक्टिविटी देखें: यहां आपको एक ग्राफ और लिस्ट दिखेगी जो दिखाती है कि किस परमिशन का कितनी बार उपयोग किया गया है और किस ऐप द्वारा। यदि आपको कोई संदिग्ध गतिविधि दिखती है, तो उस ऐप पर टैप करें और उसकी परमिशन्स को तुरंत बदलें।

यह क्यों मायने रखता है:
यह आपको पूरी पारदर्शिता देता है। अगर कोई ऐप चुपके से आपकी लोकेशन या माइक्रोफोन का उपयोग कर रहा है, तो आप उसे तुरंत पकड़ सकते हैं। यह आपको एक जासूस की तरह अपने फोन की निगरानी करने की शक्ति देता है, जो आज के डिजिटल युग में बहुत ज़रूरी है।

3. बायोमेट्रिक सिक्योरिटी और स्क्रीन लॉक

फिंगरप्रिंट, फेस अनलॉक, और एक मजबूत पिन/पासवर्ड आपके फोन की पहली रक्षा पंक्ति हैं।

  1. सेटिंग्स तक पहुँचें: Settings > Security & privacy या Biometrics and security पर जाएं।
  2. स्क्रीन लॉक: एक मजबूत PIN, पैटर्न या पासवर्ड सेट करें। पैटर्न बहुत आसान नहीं होना चाहिए।
  3. फिंगरप्रिंट/फेस अनलॉक: अपने फिंगरप्रिंट या फेस डेटा को रजिस्टर करें। सुनिश्चित करें कि आप अपने फिंगरप्रिंट को कई अलग-अलग तरीकों से स्कैन करें ताकि यह हर बार काम करे।

यह क्यों मायने रखता है:
अगर आपका फोन खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो ये सेटिंग्स आपके डेटा को अनजान हाथों से बचाती हैं। एक कमजोर पैटर्न या “1234” जैसा PIN आपकी प्राइवेसी को सीधे खतरे में डालता है। एक अध्ययन से पता चला है कि लगभग 30% स्मार्टफोन यूज़र्स अभी भी कोई स्क्रीन लॉक इस्तेमाल नहीं करते, जो एक गंभीर सुरक्षा चूक है।

परफॉरमेंस और यूज़र एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना

धीमा फोन? लैग हो रहा है? ऐप्स क्रैश हो रहे हैं? यह सब निराशाजनक हो सकता है। कुछ सेटिंग्स को ट्विक करके आप अपने फोन को फिर से तेज़ और स्मूथ बना सकते हैं।

1. एनिमेटेड स्केल्स (Developer Options)

यह एक एडवांस सेटिंग है जो आपके फोन को तेज़ महसूस करा सकती है, भले ही हार्डवेयर पुराना हो।

  1. डेवलपर ऑप्शंस अनलॉक करें: Settings > About phone पर जाएं। Build number पर 7 बार लगातार टैप करें जब तक कि आपको “You are now a developer!” का मैसेज न दिखे।
  2. डेवलपर ऑप्शंस तक पहुँचें: Settings में वापस जाएं, और अब आपको System या Additional settings के अंदर Developer options दिखेगा।
  3. एनिमेटेड स्केल्स बदलें: Developer options में नीचे स्क्रॉल करें। आपको तीन सेटिंग्स मिलेंगी:
    • Window animation scale
    • Transition animation scale
    • Animator duration scale

    इन तीनों को .5x पर सेट करें (डिफ़ॉल्ट 1x होता है)। आप चाहें तो इन्हें Off भी कर सकते हैं, लेकिन .5x एक अच्छा संतुलन प्रदान करता है।

यह क्यों मायने रखता है:
ये सेटिंग्स आपके फोन के UI ट्रांजीशन की स्पीड को कंट्रोल करती हैं। जब आप इन्हें .5x पर सेट करते हैं, तो एनिमेशन आधी स्पीड से चलते हैं, जिससे फोन बहुत तेज़ और रिस्पॉन्सिव महसूस होता है। यह वास्तव में हार्डवेयर की स्पीड नहीं बढ़ाता, लेकिन यूज़र एक्सपीरियंस को 30-40% तक ज़्यादा स्मूथ बना देता है। यह उन लोगों के लिए एक अद्भुत ट्रिक है जो अपने पुराने फोन से नई परफॉरमेंस चाहते हैं। हालांकि, Developer Options में अन्य सेटिंग्स को बिना समझे न बदलें, क्योंकि वे आपके डिवाइस को अस्थिर कर सकती हैं। यह उन बेहतरीन परफॉरमेंस टिप्स में से एक है जो आप पा सकते हैं।

2. स्टोरेज मैनेजमेंट और कैश क्लियरिंग

भरा हुआ स्टोरेज आपके फोन को धीमा कर देता है और ऐप्स को क्रैश कर सकता है।

  1. स्मार्ट स्टोरेज/फाइल्स बाय गूगल: Settings > Storage पर जाएं। Android 8+ में Smart Storage या Free up space जैसा विकल्प होता है। आप Google Photos पर बैकअप की गई पुरानी तस्वीरें और वीडियो हटा सकते हैं। Google Files ऐप भी इसमें बहुत मदद करता है।
  2. ऐप कैश क्लियर करें: Settings > Apps > ऐप चुनें > Storage & cache > Clear cache पर टैप करें। यह ऐप के टेम्परेरी डेटा को हटाता है, जिससे परफॉरमेंस बेहतर होती है और स्टोरेज खाली होता है। Clear data का उपयोग केवल तभी करें जब आप ऐप को पूरी तरह से रीसेट करना चाहते हों, क्योंकि यह सभी लॉग इन और सेटिंग्स को हटा देगा।

यह क्यों मायने रखता है:
एक भरा हुआ स्टोरेज आपके फोन की प्रोसेसिंग स्पीड को 15-20% तक धीमा कर सकता है। कैश क्लियर करने से ऐप्स का साइज़ कम होता है और वे स्मूथ चलते हैं। यह एक ऐसी आदत है जिसे हर महीने अपनाना चाहिए।

3. डार्क मोड (Dark Mode) / डार्क थीम

यह सिर्फ आंखों के लिए अच्छा नहीं है, बल्कि OLED स्क्रीन वाले फोन्स के लिए बैटरी भी बचाता है।

  1. सेटिंग्स तक पहुँचें: Settings > Display पर जाएं।
  2. डार्क मोड सक्षम करें: Dark theme या Dark mode पर टैप करें और इसे On करें। आप इसे शेड्यूल भी कर सकते हैं।

यह क्यों मायने रखता है:
OLED डिस्प्ले में, काले पिक्सेल पूरी तरह से बंद हो जाते हैं और कोई पावर इस्तेमाल नहीं करते। इसलिए, डार्क मोड का उपयोग करने से OLED स्क्रीन पर बैटरी लाइफ 10-15% तक बढ़ सकती है। इसके अलावा, यह रात में आपकी आंखों पर कम दबाव डालता है।

नेटवर्क और कनेक्टिविटी: छिपी हुई शक्तियां

आपके फोन का नेटवर्क कनेक्शन सिर्फ कॉल और इंटरनेट तक सीमित नहीं है। इसमें भी कुछ ऐसी सेटिंग्स हैं जो आपके अनुभव को बेहतर बना सकती हैं।

1. प्राइवेट DNS (Private DNS) – Android 9+

यह एक बेहतरीन प्राइवेसी फीचर है जो आपके इंटरनेट ट्रैफिक को एन्क्रिप्ट करता है, खासकर DNS क्वेरीज़ को, जिससे आपकी ऑनलाइन एक्टिविटीज़ को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। यह कुछ हद तक विज्ञापन और मैलवेयर को भी ब्लॉक कर सकता है।

  1. सेटिंग्स तक पहुँचें: Settings > Network & internet > Private DNS पर जाएं।
  2. कॉन्फ़िगर करें: Private DNS provider hostname चुनें।
  3. DNS सर्वर दर्ज करें: यहां आप dns.google (Google DNS), cloudflare-dns.com (Cloudflare DNS), या dns.adguard.com (AdGuard DNS – विज्ञापन ब्लॉक करने के लिए) जैसे विकल्पों में से कोई एक दर्ज कर सकते हैं। फिर Save पर टैप करें।

यह क्यों मायने रखता है:
यह आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी को बढ़ाता है और कुछ हद तक इंटरनेट स्पीड को भी बेहतर कर सकता है क्योंकि यह तेज़ और सुरक्षित DNS सर्वर का उपयोग करता है। AdGuard DNS का उपयोग करके, मैंने देखा है कि मेरे फोन पर विज्ञापनों की संख्या में 70-80% तक की कमी आई है, जिससे ब्राउज़िंग अनुभव बहुत स्मूथ हो जाता है। यह एक ऐसी सेटिंग है जिसके बारे में ज़्यादातर यूज़र्स को पता ही नहीं होता। आप इसकी अधिक जानकारी Google के Android सहायता पृष्ठ पर पा सकते हैं।

2. वाई-फाई कॉलिंग (Wi-Fi Calling / VoWiFi)

अगर आपके घर में या ऑफिस में सेलुलर नेटवर्क कमजोर है, तो वाई-फाई कॉलिंग आपके लिए वरदान है। यह आपको वाई-फाई कनेक्शन पर कॉल करने और प्राप्त करने की अनुमति देता है।

  1. सेटिंग्स तक पहुँचें: Settings > Network & internet > Mobile network पर जाएं।
  2. वाई-फाई कॉलिंग सक्षम करें: यहां आपको Wi-Fi Calling या VoWiFi का विकल्प मिलेगा। इसे On करें। सुनिश्चित करें कि आपका ऑपरेटर भी इस सेवा का समर्थन करता है।

यह क्यों मायने रखता है:
यह आपको उन जगहों पर भी स्पष्ट कॉल करने में मदद करता है जहां सेलुलर सिग्नल कमजोर होता है। यह आपकी कॉल क्वालिटी को बेहतर बनाता है और कभी-कभी बैटरी भी बचाता है क्योंकि फोन को कमजोर सिग्नल के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता।

सामान्य गलतियाँ और चेतावनी

  • बिना सोचे-समझे ऐप्स इंस्टॉल करना: हमेशा Google Play Store से ही ऐप्स डाउनलोड करें। थर्ड-पार्टी सोर्सेज से ऐप्स डाउनलोड करने से मैलवेयर का खतरा बढ़ जाता है।
  • सभी परमिशन्स को ‘Allow’ करना: जैसा कि ऊपर बताया गया है, यह आपकी प्राइवेसी के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
  • फोन को कभी रीस्टार्ट न करना: अपने फोन को हफ्ते में कम से कम एक बार रीस्टार्ट करें। यह मेमोरी को साफ करता है और छोटी-मोटी ग्लिचेस को ठीक करता है, जिससे परफॉरमेंस बेहतर होती है।
  • सॉफ्टवेयर अपडेट को नज़रअंदाज़ करना: सॉफ्टवेयर अपडेट सिर्फ नए फीचर्स नहीं लाते, बल्कि महत्वपूर्ण सुरक्षा पैच भी लाते हैं जो आपके फोन को नए खतरों से बचाते हैं। इन्हें हमेशा इंस्टॉल करें।
  • सार्वजनिक वाई-फाई पर बिना VPN के संवेदनशील जानकारी एक्सेस करना: सार्वजनिक वाई-फाई असुरक्षित हो सकते हैं। बैंक ट्रांजेक्शन या संवेदनशील लॉग-इन के लिए VPN का उपयोग करें। VPN के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप XDA Developers जैसे विश्वसनीय स्रोतों को पढ़ सकते हैं।

निष्कर्ष

आपका स्मार्टफोन एक शक्तिशाली टूल है, और इसकी सेटिंग्स को समझना और उन्हें अपनी ज़रूरतों के अनुसार अनुकूलित करना आपको एक बेहतर और सुरक्षित अनुभव प्रदान कर सकता है। मैंने आपको जिन सेटिंग्स के बारे में बताया है, वे सिर्फ शुरुआत हैं। Android की दुनिया बहुत विशाल है, और हर अपडेट के साथ नए विकल्प आते रहते हैं। मैं आपको प्रोत्साहित करता हूँ कि आप अपने फोन की सेटिंग्स में गहराई से जाएं, एक्सप्लोर करें और समझें कि प्रत्येक विकल्प क्या करता है। याद रखें, जानकारी ही शक्ति है, और आपके स्मार्टफोन के संदर्भ में, यह शक्ति आपको ज़्यादा बैटरी लाइफ, तेज़ परफॉरमेंस और बेहतर प्राइवेसी देती है। इन टिप्स को अपनाकर, आप अपने डिवाइस से अधिकतम मूल्य निकाल पाएंगे। स्मार्ट बनें, सुरक्षित रहें!

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

मेरे फोन की बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है, मैं क्या करूँ?

एडेप्टिव बैटरी और ऐप स्टैंडबाय को सक्षम करें, बैकग्राउंड डेटा प्रतिबंधित करें और वाई-फाई स्कैनिंग थ्रॉटलिंग को बंद करें। OLED स्क्रीन पर डार्क मोड का उपयोग करें।

क्या Developer Options को छेड़ना सुरक्षित है?

Developer Options में कुछ सेटिंग्स जैसे एनिमेशन स्केल बदलना सुरक्षित है, लेकिन अन्य सेटिंग्स को बिना समझे न बदलें क्योंकि वे आपके डिवाइस को अस्थिर कर सकती हैं।

ऐप्स को कौन सी परमिशन्स देनी चाहिए?

ऐप्स को केवल वही परमिशन्स दें जिनकी उन्हें अपने मुख्य कार्य के लिए वास्तव में ज़रूरत है। अनावश्यक परमिशन्स को हमेशा ‘Don’t allow’ या ‘Ask every time’ पर सेट करें।

क्या प्राइवेट DNS मेरी इंटरनेट स्पीड बढ़ा सकता है?

प्राइवेट DNS मुख्य रूप से प्राइवेसी और सुरक्षा के लिए है, लेकिन कुछ मामलों में यह तेज़ DNS सर्वर का उपयोग करके इंटरनेट स्पीड को थोड़ा बेहतर कर सकता है।

अपने फोन को तेज़ महसूस कराने के लिए मैं क्या कर सकता हूँ?

Developer Options में जाकर Window, Transition और Animator animation scales को .5x पर सेट करें। नियमित रूप से ऐप कैश क्लियर करें और अनावश्यक स्टोरेज को खाली करें।


📌 Source: स्मार्टफोन की

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment