नमस्कार, Developer Options। अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली ये सेटिंग्स केवल डेवलपर्स के लिए नहीं हैं; सही जानकारी के साथ, कोई भी यूजर अपने फोन के प्रदर्शन को नाटकीय रूप से बेहतर बना सकता है। अगर आपका फोन धीमा हो गया है, ऐप्स खुलने में समय लेते हैं, या मल्टीटास्किंग में अटकता है, तो यह लेख आपके लिए है। हम कुछ ऐसी सेटिंग्स को ऑन या एडजस्ट करेंगे जो आपके फोन को 2 गुना तक तेज़ महसूस करा सकती हैं।
Developer Options कैसे एक्टिवेट करें?
Developer Options डिफ़ॉल्ट रूप से छिपे होते हैं क्योंकि इनमें कुछ एडवांस सेटिंग्स होती हैं जिन्हें सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए। इन्हें एक्टिवेट करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:
- अपने फोन की Settings ऐप खोलें।
- सबसे नीचे स्क्रॉल करें और About phone (या About device) पर टैप करें।
- अब Build number (या Software information > Build number) पर लगातार 7 बार टैप करें। आपको एक मैसेज दिखेगा “You are now a developer!”।
- अब वापस Settings में जाएं। आपको System (या सीधे Settings में ही) के अंदर Developer Options का नया मेन्यू दिखाई देगा।
परफॉर्मेंस बढ़ाने वाली Developer Options सेटिंग्स
एक बार जब आप Developer Options में आ जाएं, तो इन सेटिंग्स को खोजें और उनके वैल्यू को एडजस्ट करें:
1. Window animation scale
यह सेटिंग UI (यूजर इंटरफेस) में विंडो के खुलने और बंद होने के एनिमेशन की गति को कंट्रोल करती है। डिफ़ॉल्ट रूप से, यह ‘1x’ पर सेट होती है। एनिमेशन देखने में अच्छे लगते हैं, लेकिन वे सिस्टम के रिसोर्स का इस्तेमाल करते हैं और UI को धीमा महसूस करा सकते हैं।
- मेनू पाथ: Settings > Developer Options > Window animation scale
- क्या करें: इसे ‘.5x‘ पर सेट करें, या अगर आप एनिमेशन बिल्कुल नहीं देखना चाहते तो ‘Animation off‘ चुनें।
- परिणाम: इस बदलाव से ऐप्स और मेन्यू 30-40% तेजी से खुलते और बंद होते हुए महसूस होंगे। आपका फोन तुरंत अधिक प्रतिक्रियाशील लगेगा क्योंकि एनिमेशन को पूरा होने में कम समय लगेगा, जिससे सिस्टम के रिसोर्स भी बचेंगे।
2. Transition animation scale
यह सेटिंग विभिन्न ऐप्स या स्क्रीन के बीच स्विच करते समय ट्रांजिशन एनिमेशन की गति को नियंत्रित करती है। यह भी डिफ़ॉल्ट रूप से ‘1x’ पर सेट होती है।
- मेनू पाथ: Settings > Developer Options > Transition animation scale
- क्या करें: इसे ‘.5x‘ पर सेट करें, या ‘Animation off‘ चुनें।
- परिणाम: एक ऐप से दूसरे ऐप में जाना, या सेटिंग्स के मेन्यू में नेविगेट करना काफी तेज हो जाएगा। आप ऐप्स के बीच 25-30% तेजी से स्विच कर पाएंगे, जिससे मल्टीटास्किंग का अनुभव बेहतर होगा और फोन अधिक कुशल महसूस होगा।
3. Animator duration scale
यह सेटिंग उन सभी एनिमेशन की गति को नियंत्रित करती है जो UI में होते हैं, जैसे कि बटन दबाने पर प्रतिक्रिया या किसी एलिमेंट का फेड इन/आउट होना। यह भी डिफ़ॉल्ट रूप से ‘1x’ पर सेट होती है।
- मेनू पाथ: Settings > Developer Options > Animator duration scale
- क्या करें: इसे ‘.5x‘ पर सेट करें, या ‘Animation off‘ चुनें।
- परिणाम: यह सेटिंग बाकी दोनों एनिमेशन सेटिंग्स के साथ मिलकर काम करती है। सभी छोटे-मोटे UI एनिमेशन लगभग 25% तेजी से पूरे होंगे, जिससे फोन का उपयोग करना अधिक तत्काल और फ्लूइड महसूस होगा। तीनों एनिमेशन स्केल को कम करने से फोन का समग्र “फील” 2x तक तेज हो सकता है।
4. Don’t keep activities
यह एक पावरफुल सेटिंग है जो आपके फोन के RAM मैनेजमेंट को सीधे प्रभावित करती है। जब यह ऑन होती है, तो यह यूजर द्वारा छोड़ी गई किसी भी एक्टिविटी (ऐप) को तुरंत खत्म कर देती है, जैसे ही यूजर उससे दूर जाता है।
- मेनू पाथ: Settings > Developer Options > Don’t keep activities
- क्या करें: इस टॉगल को ON करें।
- परिणाम: इससे आपके फोन की RAM तुरंत खाली हो जाती है। जब आप एक ऐप से दूसरे ऐप में स्विच करते हैं, तो जिस ऐप को आप छोड़ते हैं वह बैकग्राउंड में नहीं चलता रहता, बल्कि बंद हो जाता है। यह उन फोनों के लिए बहुत फायदेमंद है जिनमें कम RAM (जैसे 4GB या उससे कम) है, क्योंकि यह नए ऐप्स के लिए अधिक RAM उपलब्ध कराता है। आप देखेंगे कि नए ऐप्स 20-30% तेज़ी से लोड हो सकते हैं क्योंकि सिस्टम को उन्हें चलाने के लिए अधिक संसाधन मिलते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह भी है कि जब आप किसी ऐप पर वापस आएंगे, तो उसे स्क्रैच से फिर से लोड होना पड़ सकता है।
5. Background process limit
यह सेटिंग कंट्रोल करती है कि बैकग्राउंड में कितने ऐप्स एक साथ चल सकते हैं। डिफ़ॉल्ट रूप से, यह ‘Standard limit’ पर सेट होती है, जिसका अर्थ है कि Android सिस्टम खुद यह तय करता है।
- मेनू पाथ: Settings > Developer Options > Background process limit
- क्या करें: इसे ‘At most 2 processes‘ या ‘At most 3 processes‘ पर सेट करें। अगर आप केवल एक ऐप पर फोकस करना चाहते हैं, तो ‘No background processes‘ भी चुन सकते हैं, लेकिन इससे मल्टीटास्किंग मुश्किल हो जाएगी।
- परिणाम: इस लिमिट को सेट करने से आप RAM और CPU संसाधनों को बचाते हैं। जब बैकग्राउंड में कम ऐप्स चल रहे होते हैं,
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