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बैकग्राउंड ऐप्स बंद करने की ये 3 सेटिंग्स ON करें – फोन अब नहीं अटकेगा!

On: June 14, 2026 12:57 AM
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क्या आपका Android फोन भी धीरे-धीरे काम करने लगा है और बार-बार अटकता है? इसका एक बड़ा कारण बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स होते हैं। ये ऐप्स चुपचाप आपके फोन की RAM, प्रोसेसर और बैटरी का इस्तेमाल करते रहते हैं, जिससे फोन धीमा हो जाता है। एक Android एक्सपर्ट और ऐप डेवलपर के तौर पर, मैं आपको तीन ऐसी सेटिंग्स बताऊंगा जो आपके फोन को फिर से तेज़ बना सकती हैं। ये सेटिंग्स सभी Android फोनों पर काम करती हैं और इन्हें ढूंढना आसान है।

1. ‘डेवलपर ऑप्शन्स’ में एनिमेशन स्केल बदलें, आपका फोन तुरंत तेज लगेगा।

एनिमेशन स्केल आपके फोन के यूजर इंटरफेस (UI) की गति को नियंत्रित करते हैं। जब आप कोई ऐप खोलते या बंद करते हैं, या सेटिंग्स में नेविगेट करते हैं, तो आपको जो स्मूथ ट्रांजीशन दिखते हैं, वे एनिमेशन होते हैं। इन एनिमेशन की गति को कम करके या बंद करके, आप फोन को प्रतिक्रिया देने में लगने वाले समय को काफी कम कर सकते हैं, जिससे वह तेज महसूस होता है, भले ही उसकी प्रोसेसिंग स्पीड न बढ़ी हो। यह कम RAM वाले फोनों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है।

इसे सक्रिय करने के लिए, पहले आपको ‘डेवलपर ऑप्शन्स’ को इनेबल करना होगा। इसके लिए, ‘सेटिंग्स’ > ‘फ़ोन के बारे में’ (About Phone) में जाएं। यहां आपको ‘बिल्ड नंबर’ (Build Number) मिलेगा; इस पर लगातार 7-8 बार टैप करें जब तक आपको “You are now a developer!” का मैसेज न दिखे। अब, ‘सेटिंग्स’ में वापस आएं और ‘सिस्टम’ (System) या ‘अतिरिक्त सेटिंग्स’ (Additional Settings) के अंदर ‘डेवलपर ऑप्शन्स’ ढूंढें।

डेवलपर ऑप्शन्स में स्क्रॉल करके ‘विंडो एनिमेशन स्केल’ (Window animation scale), ‘ट्रांजीशन एनिमेशन स्केल’ (Transition animation scale) और ‘एनिमेटर ड्यूरेशन स्केल’ (Animator duration scale) ढूंढें। इन तीनों सेटिंग्स को ‘0.5x’ पर सेट करें या ‘एनिमेशन ऑफ’ (Animation off) कर दें। इससे UI ट्रांजीशन बहुत तेज या लगभग तुरंत हो जाएंगे, जिससे फोन बहुत तेज़ी से रिस्पॉन्ड करेगा।

2. ‘बैकग्राउंड प्रोसेस लिमिट’ सेट करके फालतू ऐप्स को चलने से रोकें।

यह सेटिंग सीधे तौर पर नियंत्रित करती है कि एक समय में कितने ऐप्स बैकग्राउंड में चल सकते हैं। डिफ़ॉल्ट रूप से, Android ऐप्स को बैकग्राउंड में चलते रहने की अनुमति देता है ताकि वे सूचनाएं भेज सकें या डेटा सिंक कर सकें। हालाँकि, कई ऐप्स की वास्तव में इसकी आवश्यकता नहीं होती है और वे केवल RAM और बैटरी का उपभोग करते हैं। इस सीमा को निर्धारित करके, आप उन ऐप्स को रोक सकते हैं जो आपके फोन को धीमा कर रहे हैं।

‘डेवलपर ऑप्शन्स’ में वापस जाएं, जैसा कि हमने ऊपर बताया था। थोड़ा नीचे स्क्रॉल करें और ‘ऐप्स’ (Apps) सेक्शन में ‘बैकग्राउंड प्रोसेस लिमिट’ (Background process limit) ढूंढें। यह सेटिंग आमतौर पर ‘स्टैंडर्ड लिमिट’ (Standard limit) पर सेट होती है, जिसका अर्थ है कि Android अपनी मर्जी से ऐप्स को मैनेज करता है।

आप इसे ‘एट मोस्ट 1 प्रोसेस’ (At most 1 process), ‘एट मोस्ट 2 प्रोसेस’ (At most 2 processes) या ‘नो बैकग्राउंड प्रोसेसेस’ (No background processes) पर सेट कर सकते हैं। यदि आपका फोन बहुत धीमा है, तो ‘नो बैकग्राउंड प्रोसेसेस’ चुनें। इसका मतलब है कि जब आप किसी ऐप से बाहर निकलेंगे, तो वह पूरी तरह से बंद हो जाएगा। ध्यान रखें कि इससे आपको कुछ ऐप्स की सूचनाएं देर से मिल सकती हैं, लेकिन आपके फोन की परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ में जबरदस्त सुधार होगा।

3. ऐप्स के लिए ‘बैकग्राउंड डेटा’ और ‘बैटरी ऑप्टिमाइजेशन’ को नियंत्रित करें।

कई ऐप्स बैकग्राउंड में डेटा का उपयोग करते हैं और बैटरी खर्च करते हैं, भले ही आप उन्हें सक्रिय रूप से उपयोग न कर रहे हों। यह न केवल आपकी इंटरनेट डेटा सीमा को जल्दी खत्म करता है, बल्कि आपकी बैटरी भी तेजी से खत्म होती है और फोन धीमा हो सकता है। यह सेटिंग आपको व्यक्तिगत ऐप्स के लिए इस व्यवहार को नियंत्रित करने की शक्ति देती है। यह उन ऐप्स के लिए महत्वपूर्ण है जिनकी आपको लगातार सूचनाएं या सिंकिंग की आवश्यकता नहीं होती है।

इसके लिए, ‘सेटिंग्स’ > ‘ऐप्स और सूचनाएं’ (Apps & notifications) या ‘ऐप मैनेजमेंट’ (App Management) में जाएं। यहां, उन ऐप्स को चुनें जिन्हें आप नियंत्रित करना चाहते हैं। प्रत्येक ऐप के लिए, आपको ‘मोबाइल डेटा और वाई-फाई’ (Mobile data & Wi-Fi) या ‘डेटा उपयोग’ (Data usage) का विकल्प मिलेगा। इसमें ‘बैकग्राउंड डेटा’ (Background data) को ऑफ कर दें, यदि उस ऐप को बैकग्राउंड में डेटा की आवश्यकता नहीं है।

इसके अतिरिक्त, उसी ऐप की जानकारी में ‘बैटरी’ (Battery) सेक्शन पर टैप करें। यहां, ‘बैटरी ऑप्टिमाइजेशन’ (Battery optimization) या ‘बैकग्राउंड एक्टिविटी’ (Background activity) जैसी सेटिंग्स होंगी। सुनिश्चित करें कि ‘ऑप्टिमाइज’ (Optimize) विकल्प चुना गया है, या ‘बैकग्राउंड एक्टिविटी’ को प्रतिबंधित करें। यह Android को उस ऐप की बैकग्राउंड गतिविधि को सीमित करने की अनुमति देगा, जिससे बैटरी बचेगी और फोन की परफॉर्मेंस बेहतर होगी।

इन तीन सेटिंग्स को सही ढंग से लागू करने से आपके Android फोन की परफॉर्मेंस में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। धीमी गति और अटकने की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी, जिससे आपका दैनिक अनुभव बहुत बेहतर हो जाएगा।

हमारी राय

Android फोन की परफॉर्मेंस को बनाए रखना केवल नए फोन खरीदने से नहीं होता, बल्कि उसकी सेटिंग्स को समझने और ऑप्टिमाइज़ करने से भी होता है। ये तीन सेटिंग्स, विशेषकर ‘डेवलपर ऑप्शन्स’ के भीतर की सेटिंग्स, आपके फोन को एक नया जीवन दे सकती हैं। मेरा मानना है कि हर Android यूजर को इन्हें आज़माना चाहिए, खासकर अगर उनका फोन पुराना हो या उसमें कम RAM हो। यह आपके फोन को सिर्फ तेज ही नहीं बनातीं, बल्कि बैटरी लाइफ को भी बेहतर करती हैं, जिससे आपको अपने डिवाइस से अधिक उपयोगिता मिलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या इन सेटिंग्स को बदलने से मेरा फोन खराब हो सकता है?

नहीं, इन सेटिंग्स को बदलने से आपका फोन खराब नहीं होगा। ये केवल परफॉर्मेंस को ऑप्टिमाइज़ करती हैं और इन्हें किसी भी समय वापस डिफ़ॉल्ट पर सेट किया जा सकता है।

‘डेवलपर ऑप्शन्स’ क्यों छिपा होता है?

‘डेवलपर ऑप्शन्स’ में कुछ एडवांस सेटिंग्स होती हैं जो सामान्य यूजर के लिए नहीं होतीं, इसलिए इसे डिफ़ॉल्ट रूप से छिपाया जाता है ताकि गलती से कोई महत्वपूर्ण सेटिंग न बदल जाए।

क्या ‘नो बैकग्राउंड प्रोसेसेस’ सेट करने से कोई ऐप काम करना बंद कर देगा?

नहीं, ऐप काम करना बंद नहीं करेगा। बस जब आप उस ऐप से बाहर निकलेंगे, तो वह बैकग्राउंड में नहीं चलेगा और आपको उसे हर बार नए सिरे से खोलना होगा।

क्या ये सेटिंग्स सभी Android फोनों पर एक जैसी होती हैं?

अधिकांश Android फोनों पर ये सेटिंग्स उपलब्ध होती हैं, लेकिन उनके नाम या स्थान थोड़े भिन्न हो सकते हैं। आपको ‘सेटिंग्स’ में थोड़ा खोजना पड़ सकता है।

इन सेटिंग्स को बदलने के बाद भी फोन धीमा रहे तो क्या करें?

यदि इन सेटिंग्स के बाद भी फोन धीमा है, तो आपको अनावश्यक ऐप्स को अनइंस्टॉल करने, फोन स्टोरेज को साफ करने या फ़ैक्टरी रीसेट करने पर विचार करना चाहिए।

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