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Amazon AI सर्च का नया ‘फ्रॉड’? नकली प्रोडक्ट्स पहले, असली बाद में: क्या है पूरा मामला?

On: June 4, 2026 5:58 AM
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📷 Image source: www.androidauthority.com — All image rights belong to their respective owners. AndroidHelper.in claims no ownership.

नमस्कार दोस्तों, मैं रवि शर्मा, androidhelper.in से। आज हम एक ऐसे विषय पर बात करने जा रहे हैं जो ऑनलाइन शॉपिंग के हमारे अनुभव को पूरी तरह से बदल सकता है – और शायद खतरे में भी डाल सकता है। दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक, Amazon, ने हाल ही में अपने शॉपिंग अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनी सर्च प्रणाली में एकीकृत किया है। विचार यह था कि AI ग्राहकों को उनकी ज़रूरतों के हिसाब से सटीक और तेज़ परिणाम देगा, जिससे शॉपिंग आसान हो जाएगी। लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स कुछ और ही कहानी बता रही हैं – Amazon AI Search कथित तौर पर नकली प्रोडक्ट्स को पहले दिखा रहा है, जबकि असली और भरोसेमंद विकल्प बाद में आ रहे हैं। यह एक गंभीर चिंता का विषय है, खासकर हम भारतीय ग्राहकों के लिए जो ऑनलाइन शॉपिंग पर बहुत भरोसा करते हैं।

Amazon AI सर्च: सुविधा या नई चुनौती?

Amazon का यह कदम कोई आश्चर्य की बात नहीं है। पिछले कुछ सालों से, AI हर उद्योग में क्रांति ला रहा है, और ई-कॉमर्स इसका अपवाद नहीं है। Amazon की योजना थी कि ग्राहक जब किसी प्रोडक्ट की खोज करें, तो AI सिर्फ कीवर्ड मैचिंग से आगे बढ़कर उनकी इंटेंट (खरीदने का इरादा) को समझे और उन्हें ऐसे प्रोडक्ट्स दिखाए जो उनकी ज़रूरतों को पूरा करते हों। उदाहरण के लिए, यदि आप “लंबी बैटरी वाला फ़ोन” खोजते हैं, तो AI सीधे आपको उन फ़ोनों की लिस्ट दे, जिनकी बैटरी क्षमता अधिक है, बजाय इसके कि वह सिर्फ “बैटरी” शब्द वाले फ़ोन दिखाए। यह सुनने में तो शानदार लगता है, लेकिन ज़मीन पर इसकी हकीकत थोड़ी जटिल है।

शुरुआती रिपोर्ट्स बताती हैं कि Amazon AI की यह नई प्रणाली कुछ मामलों में ऐसे प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दे रही है जो या तो नकली हैं, घटिया गुणवत्ता के हैं, या फिर पूरी तरह से गलत जानकारी के साथ लिस्ट किए गए हैं। कल्पना कीजिए, आप किसी भरोसेमंद ब्रांड का लैपटॉप ढूंढ रहे हैं, और AI आपको पहले ऐसे विकल्प दिखाता है जो सस्ते तो हैं, लेकिन नकली या घटिया कॉम्पोनेंट्स से बने हैं। यह न केवल आपके पैसे का नुकसान है, बल्कि यह ऑनलाइन शॉपिंग पर आपके भरोसे को भी तोड़ता है। यह स्थिति ग्राहकों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है, जहाँ उन्हें हर सर्च रिजल्ट को संदेह की नज़र से देखना होगा।

“AI का उद्देश्य सुविधा प्रदान करना है, लेकिन अगर यह ग्राहकों को गुमराह करता है तो यह अपने मूल उद्देश्य से भटक जाता है। Amazon को इस समस्या का तुरंत समाधान करना होगा ताकि ग्राहकों का विश्वास बना रहे।” – एक प्रमुख ई-कॉमर्स विशेषज्ञ।

नकली उत्पाद पहले क्यों दिख रहे हैं?

यह सवाल सबसे महत्वपूर्ण है: आखिर क्यों एक अत्याधुनिक AI प्रणाली नकली या घटिया प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दे रही है? इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ तकनीकी और कुछ मानवीय हैं:

  • एल्गोरिथम की खामियां: AI मॉडल को जिस डेटा पर प्रशिक्षित किया जाता है, वह उसकी परफॉर्मेंस को सीधे प्रभावित करता है। हो सकता है कि Amazon के AI एल्गोरिथम को पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित न किया गया हो ताकि वह नकली और असली प्रोडक्ट्स के बीच सूक्ष्म अंतर को पहचान सके। नकली प्रोडक्ट्स अक्सर ऐसे कीवर्ड्स और डिस्क्रिप्शन का उपयोग करते हैं जो असली प्रोडक्ट्स से मिलते-जुलते हों, और AI इसे सही मान सकता है।
  • विक्रेता द्वारा हेरफेर (Seller Manipulation): ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर हमेशा ऐसे विक्रेता होते हैं जो सिस्टम का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। वे अपने नकली प्रोडक्ट्स को उच्च रैंक दिलाने के लिए SEO (Search Engine Optimization) ट्रिक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे कि अत्यधिक कीवर्ड स्टफिंग, फर्जी रिव्यूज़, या गलत कैटेगरी में लिस्टिंग। AI, जो डेटा पैटर्न पर निर्भर करता है, इन हेरफेरों को पकड़ने में विफल हो सकता है।
  • प्रॉफिट मार्जिन और कमीशन: कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि AI उन प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दे सकता है, जिन पर Amazon को अधिक कमीशन मिलता है। यदि नकली या सस्ते प्रोडक्ट्स पर कमीशन दरें अधिक हैं या उनके विज्ञापन से Amazon को अधिक आय होती है, तो AI उन्हें पहले दिखा सकता है। हालाँकि, Amazon ने इस तरह के किसी भी आरोप का खंडन किया है।
  • वास्तविक ग्राहक इरादे को न समझना: AI शायद ग्राहक के “वास्तविक” इरादे को पूरी तरह से नहीं समझ पा रहा है। ग्राहक अक्सर गुणवत्ता और ब्रांड पर भरोसा करते हैं, न कि सिर्फ सबसे सस्ते विकल्प पर। यदि AI सिर्फ “कीमत” या “लोकप्रियता” जैसे सतही मेट्रिक्स पर ध्यान केंद्रित करता है, तो वह असली मूल्य वाले प्रोडक्ट्स को पीछे छोड़ सकता है।

यह समझना ज़रूरी है कि AI अभी भी विकास के चरण में है, और इस तरह की खामियां सामने आना असामान्य नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि Amazon इन समस्याओं को कितनी तेज़ी और प्रभावी ढंग से संबोधित करता है।

भारतीय ग्राहकों पर इसका असर

भारत में ई-कॉमर्स तेज़ी से बढ़ रहा है, और Amazon जैसे प्लेटफॉर्म यहाँ लाखों लोगों के लिए खरीदारी का मुख्य ज़रिया बन गए हैं। ऐसे में, ऑनलाइन शॉपिंग पर नकली प्रोडक्ट्स का दिखना भारतीय ग्राहकों के लिए कई गंभीर समस्याएं खड़ी कर सकता है:

सबसे पहले, यह ग्राहकों के पैसे का सीधा नुकसान है। भारत में ग्राहक अक्सर कीमत के प्रति संवेदनशील होते हैं, और नकली प्रोडक्ट्स अक्सर असली से सस्ते होते हैं। यदि AI ऐसे सस्ते, नकली विकल्पों को पहले दिखाता है, तो ग्राहक झांसे में आकर उन्हें खरीद सकते हैं। दूसरा, यह सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकता है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सौंदर्य उत्पाद या दवाएं अगर नकली हों, तो वे गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। तीसरा, यह छोटे और मध्यम भारतीय व्यवसायों (MSMEs) के लिए एक बड़ी समस्या है जो Amazon पर अपने असली और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बेचते हैं। यदि AI नकली विक्रेताओं को प्राथमिकता देता है, तो इन भरोसेमंद व्यवसायों को नुकसान होगा। आखिर में, यह ऑनलाइन शॉपिंग पर विश्वास को कम करता है, जिससे पूरे ई-कॉमर्स इकोसिस्टम को नुकसान पहुँच सकता है।

“भारतीय ई-कॉमर्स बाज़ार में विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है। अगर Amazon AI इस विश्वास को तोड़ता है, तो इसके दूरगामी नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं, खासकर छोटे शहरों और नए ऑनलाइन खरीदारों के लिए।” – नीरज गुप्ता, भारतीय उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ता।

प्रतिस्पर्धा में Amazon AI की स्थिति

Amazon अकेला नहीं है जो अपनी सर्च में AI का उपयोग कर रहा है। Flipkart, Myntra, और Meesho जैसे भारतीय ई-कॉमर्स दिग्गजों से लेकर Walmart और Alibaba जैसे वैश्विक खिलाड़ियों तक, सभी अपने ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए AI में निवेश कर रहे हैं।

  • Flipkart और Myntra: ये प्लेटफ़ॉर्म भी व्यक्तिगत सिफारिशों (personalized recommendations) और सर्च परिणामों को बेहतर बनाने के लिए AI का उपयोग करते हैं। वे विशेष रूप से फैशन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में AI-आधारित स्टाइलिंग सुझाव और प्रोडक्ट डिस्कवरी प्रदान करते हैं। नकली प्रोडक्ट्स से निपटने के लिए, वे सख्त विक्रेता ऑनबोर्डिंग प्रक्रियाएं और शिकायत निवारण तंत्र रखते हैं।
  • Alibaba (Taobao, Tmall): चीन के इस विशाल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने AI को अपनी कोर रणनीति में गहराई से एकीकृत किया है। AI यहाँ न केवल सर्च और सिफारिशों में मदद करता है, बल्कि लॉजिस्टिक्स और ग्राहक सेवा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नकली उत्पादों की समस्या उनके लिए भी एक बड़ी चुनौती रही है, और वे इसके लिए ब्लॉकचेन और उन्नत AI-आधारित इमेज रिकॉग्निशन जैसी तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं।
  • Walmart: यह अमेरिकी रिटेल दिग्गज अपने ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर दोनों के लिए AI का उपयोग कर रहा है। सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन से लेकर ग्राहक व्यवहार विश्लेषण तक, AI उनकी दक्षता बढ़ा रहा है। सर्च के मामले में, वे भी ग्राहकों के इरादे को समझने और सही प्रोडक्ट्स दिखाने पर जोर देते हैं।

हालांकि, इन सभी प्लेटफॉर्म्स को नकली प्रोडक्ट्स और गलत लिस्टिंग की समस्या का सामना करना पड़ता है। Amazon का AI सर्च में यह नया मुद्दा दर्शाता है कि AI को इस तरह के जटिल ई-कॉमर्स परिवेश में लागू करना कितना चुनौतीपूर्ण है, खासकर जब बात लाखों प्रोडक्ट्स और हजारों विक्रेताओं की हो। Flipkart और Myntra जैसी कंपनियाँ भी लगातार अपने AI मॉडल्स को बेहतर बनाने पर काम कर रही हैं ताकि ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।

AI शॉपिंग के फायदे और खतरे

किसी भी नई तकनीक की तरह, AI-आधारित शॉपिंग के अपने फायदे और खतरे हैं।

फायदे:

  • बेहतर प्रोडक्ट डिस्कवरी: AI आपकी पसंद और नापसंद को समझकर ऐसे प्रोडक्ट्स दिखा सकता है जिनके बारे में आपको पता भी नहीं था, लेकिन वे आपकी ज़रूरतों को पूरा करते हैं।
  • व्यक्तिगत अनुभव: हर ग्राहक के लिए शॉपिंग अनुभव अद्वितीय हो सकता है, जिससे उन्हें लगता है कि प्लेटफॉर्म उनकी ज़रूरतों को समझता है।
  • समय की बचत: सटीक सर्च परिणाम और सिफारिशें ग्राहकों को घंटों ब्राउज़ करने से बचा सकती हैं, जिससे खरीदारी की प्रक्रिया तेज़ होती है।
  • नई सुविधाएँ: AI-संचालित चैटबॉट्स और वॉयस असिस्टेंट जैसे Alexa (Amazon India पर उपलब्ध) शॉपिंग को और भी सुविधाजनक बना सकते हैं।

खतरे:

  • नकली और घटिया प्रोडक्ट्स: जैसा कि Amazon के मामले में देखा गया है, AI अगर ठीक से ट्यून न हो तो वह गलत प्रोडक्ट्स को बढ़ावा दे सकता है।
  • गोपनीयता संबंधी चिंताएं: AI को आपके शॉपिंग पैटर्न, सर्च हिस्ट्री और व्यक्तिगत डेटा तक पहुंच की आवश्यकता होती है, जिससे गोपनीयता का उल्लंघन होने का खतरा रहता है।
  • एल्गोरिथम पूर्वाग्रह (Algorithmic Bias): यदि AI को प्रशिक्षित करने वाले डेटा में पूर्वाग्रह है, तो AI भी पूर्वाग्रहपूर्ण परिणाम दिखा सकता है, जिससे कुछ प्रोडक्ट्स या विक्रेताओं को अनुचित लाभ या हानि हो सकती है।
  • मानवीय निरीक्षण की कमी: AI पर अत्यधिक निर्भरता से मानवीय निरीक्षण कम हो सकता है, जिससे गलतियों या धोखाधड़ी को पकड़ना मुश्किल हो जाता है।

यह स्पष्ट है कि AI एक दोधारी तलवार है। इसकी क्षमता अपार है, लेकिन इसके साथ आने वाली जिम्मेदारियां भी उतनी ही बड़ी हैं। Amazon को अपनी AI प्रणाली में सुधार के लिए AI एथिक्स और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा।

नकली प्रोडक्ट्स से कैसे बचें: भारतीय ग्राहकों के लिए टिप्स

जब तक Amazon और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अपनी AI सर्च प्रणाली को पूरी तरह से ठीक नहीं कर लेते, तब तक हमें, ग्राहकों को, अपनी सुरक्षा के लिए कुछ सावधानियां बरतनी होंगी। मैं आपको कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दे रहा हूँ:

  • विक्रेता की रेटिंग और रिव्यूज़ देखें: हमेशा प्रोडक्ट खरीदने से पहले विक्रेता की रेटिंग, उसके पिछले रिव्यूज़ और उसकी वापसी नीति (return policy) को ध्यान से देखें। अच्छे विक्रेता की रेटिंग आमतौर पर 4 स्टार से ऊपर होती है, और उसके पास बड़ी संख्या में सकारात्मक रिव्यूज़ होते हैं।
  • प्रोडक्ट डिस्क्रिप्शन और इमेज की जांच करें: नकली प्रोडक्ट्स में अक्सर गलत स्पेलिंग, खराब ग्रामर, या कम-रिज़ॉल्यूशन वाली इमेज होती हैं। प्रोडक्ट डिस्क्रिप्शन को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि यह असली ब्रांड की वेबसाइट पर दी गई जानकारी से मेल खाता हो।
  • ब्रांड के ऑफिशियल स्टोर से खरीदें: यदि संभव हो, तो हमेशा सीधे ब्रांड के ऑफिशियल स्टोरफ्रंट से खरीदें, जो Amazon या Flipkart पर “Fulfilled by Amazon” या “Assured” जैसे टैग के साथ उपलब्ध होते हैं। यह नकली प्रोडक्ट्स के जोखिम को काफी कम करता है। आप Samsung India या OnePlus India जैसी कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइटों से भी सीधे खरीद सकते हैं।
  • कीमत की तुलना करें: यदि कोई प्रोडक्ट अपनी सामान्य कीमत से बहुत सस्ता मिल रहा है, तो सतर्क हो जाएं। यह एक बड़ा संकेत हो सकता है कि प्रोडक्ट नकली है या उसमें कोई खामी है।
  • वापसी और रिफंड नीति समझें: खरीदने से पहले विक्रेता की वापसी और रिफंड नीति को ध्यान से पढ़ें। यदि कोई विक्रेता वापसी या रिफंड की सुविधा नहीं देता है, तो उससे खरीदने से बचें।
  • संदिग्ध ऑफर्स से बचें: “सिर्फ आज के लिए” या “अविश्वसनीय डील्स” जैसे ऑफर्स अक्सर नकली प्रोडक्ट्स बेचने वाले विक्रेताओं द्वारा उपयोग किए जाते हैं।
  • अपनी अंतर्ज्ञान पर भरोसा करें: यदि कोई डील या प्रोडक्ट कुछ ज़्यादा ही अच्छा लग रहा है, तो शायद वह सच नहीं है।

आगे क्या? Amazon की जिम्मेदारी और भविष्य की राह

इस मुद्दे पर Amazon की प्रतिक्रिया और भविष्य की रणनीति महत्वपूर्ण होगी। कंपनी को न केवल अपनी AI प्रणाली में सुधार करना होगा, बल्कि ग्राहकों के विश्वास को फिर से बनाने के लिए पारदर्शी कदम भी उठाने होंगे। इसमें AI एल्गोरिथम को नकली प्रोडक्ट्स की पहचान करने और उन्हें प्राथमिकता न देने के लिए और अधिक प्रभावी ढंग से प्रशिक्षित करना शामिल है। इसके लिए, Amazon को एक मजबूत डेटासेट की आवश्यकता होगी जो असली और नकली प्रोडक्ट्स के बीच स्पष्ट अंतर कर सके।

इसके अतिरिक्त, Amazon को विक्रेताओं के लिए अपनी नीतियों को सख्त करना होगा और धोखाधड़ी करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई करनी होगी। ग्राहकों के लिए एक आसान रिपोर्टिंग तंत्र प्रदान करना भी महत्वपूर्ण है, ताकि वे संदिग्ध प्रोडक्ट्स या विक्रेताओं की रिपोर्ट कर सकें। नियामक निकायों और उपभोक्ता संगठनों को भी इस मुद्दे पर नज़र रखनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ग्राहकों के हितों की रक्षा करें। AI तकनीकें अभी भी विकास के शुरुआती चरण में हैं, और इस तरह की चुनौतियों का सामना करना स्वाभाविक है। महत्वपूर्ण यह है कि Amazon जैसी बड़ी कंपनियां इन चुनौतियों को कैसे स्वीकार करती हैं और उनसे सीखकर अपनी सेवाओं को कैसे बेहतर बनाती हैं। इस AI सर्च अपडेट के संबंध में Amazon की ओर से आधिकारिक डिटेल्स जल्द आएंगी, और हमें उम्मीद है कि वे इन चिंताओं को दूर करेंगे।

हमारी राय

बतौर एक सीनियर टेक जर्नलिस्ट, मेरा मानना है कि Amazon का AI शॉपिंग सर्च में नकली प्रोडक्ट्स को पहले दिखाना एक गंभीर चूक है, जो न केवल कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकती है बल्कि लाखों ग्राहकों के भरोसे को भी तोड़ सकती है। AI की क्षमता असीमित है, इसमें कोई संदेह नहीं, लेकिन इसका उपयोग जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ किया जाना चाहिए। सिर्फ “बेहतर अनुभव” के नाम पर अगर ग्राहकों को गुमराह किया जाता है, तो यह तकनीक का गलत इस्तेमाल है। Amazon को अपने AI एल्गोरिथम को तुरंत रीकैलिब्रेट करना होगा, नकली प्रोडक्ट्स को फ़िल्टर करने के लिए मज़बूत तंत्र बनाने होंगे, और अपनी विक्रेता नीतियों को सख्त करना होगा। भारतीय ग्राहकों के लिए, मैं यही सलाह दूंगा कि वे ऑनलाइन शॉपिंग करते समय हमेशा सतर्क रहें, रिव्यूज़ और विक्रेता की विश्वसनीयता पर ध्यान दें, और अपनी कड़ी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए हर कदम पर समझदारी दिखाएं। AI हमें सुविधा दे सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा हमारी अपनी बुद्धिमत्ता पर आधारित होना चाहिए।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Amazon AI सर्च में नकली प्रोडक्ट्स क्यों दिख रहे हैं?

Amazon AI सर्च में नकली प्रोडक्ट्स दिखने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें एल्गोरिथम की खामियां, विक्रेता द्वारा सिस्टम का हेरफेर, और AI द्वारा ग्राहक के वास्तविक इरादे को पूरी तरह से न समझ पाना शामिल है। AI को जिस डेटा पर प्रशिक्षित किया जाता है, वह उसकी परफॉर्मेंस को सीधे प्रभावित करता है, और हो सकता है कि वर्तमान प्रशिक्षण में नकली उत्पादों की पहचान करने में कमी हो।

क्या Amazon इस समस्या का समाधान करेगा?

Amazon जैसी बड़ी कंपनी के लिए ग्राहकों का विश्वास सर्वोपरि है। ऐसी समस्याओं को आमतौर पर गंभीरता से लिया जाता है और कंपनी अपनी AI प्रणाली में सुधार करने के लिए काम करती है। इसमें एल्गोरिथम को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रशिक्षित करना, विक्रेता नीतियों को सख्त करना, और धोखाधड़ी करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल हो सकता है।

भारतीय ग्राहक नकली ऑनलाइन प्रोडक्ट्स से कैसे बच सकते हैं?

भारतीय ग्राहक नकली प्रोडक्ट्स से बचने के लिए विक्रेता की रेटिंग और रिव्यूज़ की जांच कर सकते हैं, प्रोडक्ट डिस्क्रिप्शन और इमेज की तुलना ऑफिशियल ब्रांड जानकारी से कर सकते हैं, ब्रांड के ऑफिशियल स्टोरफ्रंट से खरीदारी कर सकते हैं, और संदिग्ध रूप से सस्ते ऑफर्स से बच सकते हैं। अपनी अंतर्ज्ञान पर भरोसा करना भी महत्वपूर्ण है।

AI-आधारित शॉपिंग के क्या फायदे हैं?

AI-आधारित शॉपिंग के कई फायदे हैं, जैसे बेहतर प्रोडक्ट डिस्कवरी, ग्राहकों के लिए व्यक्तिगत शॉपिंग अनुभव, समय की बचत क्योंकि यह सटीक सर्च परिणाम देता है, और AI-संचालित चैटबॉट्स जैसी नई सुविधाओं के माध्यम से बढ़ी हुई सुविधा।

अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म AI का उपयोग कैसे करते हैं?

Flipkart, Myntra, Alibaba, और Walmart जैसे अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी AI का उपयोग व्यक्तिगत सिफारिशों, सर्च परिणामों को बेहतर बनाने, सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन और ग्राहक सेवा में करते हैं। वे भी नकली प्रोडक्ट्स से निपटने के लिए सख्त नीतियां और उन्नत AI-आधारित तकनीकें इस्तेमाल करते हैं।


📌 Source: https://www.androidauthority.com/amazon-ai-search-3674160/

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