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हवाई यात्रा में पावर बैंक: आपकी सुरक्षा, नियम और वो सब जो जानना ज़रूरी है

On: June 4, 2026 5:31 AM
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आज की डिजिटल दुनिया में स्मार्टफोन हमारी ज़िंदगी का एक अभिन्न अंग बन चुका है। हम सभी चाहते हैं कि हमारा फोन कभी डिस्चार्ज न हो, खासकर यात्रा के दौरान। यहीं पर हवाई यात्रा में पावर बैंक की भूमिका आती है। ये छोटे, पोर्टेबल डिवाइस हमें चलते-फिरते भी अपने गैजेट्स चार्ज करने की सुविधा देते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि हवाई यात्रा के दौरान इन्हें साथ ले जाने के कुछ सख्त नियम होते हैं? एक सीनियर टेक जर्नलिस्ट के तौर पर, मैं रवि शर्मा, androidhelper.in से, आपको इन नियमों की गहराई से जानकारी दूंगा ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित और तनावमुक्त रहे।

अक्सर यात्री इन नियमों से अनजान होते हैं या उन्हें हल्के में लेते हैं, जिसका नतीजा एयरपोर्ट पर अनावश्यक परेशानी और कभी-कभी तो पावर बैंक को वहीं छोड़ देने तक हो सकता है। लिथियम-आयन बैटरियों की प्रकृति ही ऐसी है कि अगर उन्हें सही तरीके से हैंडल न किया जाए तो वे सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं। यही कारण है कि दुनिया भर की विमानन नियामक संस्थाएं, जिनमें भारत का DGCA (Directorate General of Civil Aviation) भी शामिल है, इनके परिवहन पर विशेष ध्यान देती हैं। आइए, इस पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझते हैं।

लिथियम-आयन पावर बैंक: आज की ज़रूरत और सुरक्षा चुनौतियाँ

लिथियम-आयन (Li-ion) बैटरी तकनीक ने हमारे पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक्स को पूरी तरह बदल दिया है। स्मार्टफोन से लेकर लैपटॉप और अब पावर बैंक तक, ये बैटरियां अपनी उच्च ऊर्जा घनत्व (high energy density) के कारण सर्वव्यापी हो गई हैं। इसका मतलब है कि ये छोटे आकार में भी बहुत अधिक ऊर्जा स्टोर कर सकती हैं, जिससे हमारे डिवाइस लंबे समय तक चलते हैं। एक सामान्य 10,000mAh का पावर बैंक आपके औसत स्मार्टफोन को 2-3 बार पूरा चार्ज कर सकता है, जो यात्रा के दौरान गेम चेंजर साबित होता है। लेकिन, इस तकनीक की एक खामी भी है: अगर इसे नुकसान पहुंचे या गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो इसमें आग लगने या विस्फोट होने का खतरा होता है, जिसे ‘थर्मल रनअवे’ (Thermal Runaway) कहते हैं।

थर्मल रनअवे एक ऐसी स्थिति है जब बैटरी के अंदर अत्यधिक गर्मी पैदा होती है, जिससे रासायनिक प्रतिक्रियाएं अनियंत्रित हो जाती हैं। यह अक्सर शॉर्ट सर्किट, ओवरचार्जिंग, या भौतिक क्षति के कारण हो सकता है। विमान में, जहां हवा का दबाव कम होता है और ऑक्सीजन की मात्रा सीमित होती है, ऐसी घटना बेहद खतरनाक हो सकती है। विमानन नियामक संस्थाओं ने इन जोखिमों को कम करने के लिए कड़े नियम बनाए हैं। वे इस बात पर जोर देते हैं कि लिथियम-आयन बैटरियों को हमेशा केबिन बैगेज (carry-on baggage) में ले जाया जाए, चेक-इन बैगेज (checked baggage) में नहीं। इसका मुख्य कारण यह है कि अगर केबिन में कोई घटना होती है, तो उसे तुरंत नियंत्रित किया जा सकता है, जबकि कार्गो होल्ड में ऐसा करना लगभग असंभव होगा।

भारत में, लाखों लोग हर दिन हवाई यात्रा करते हैं और उनमें से अधिकांश अपने साथ पावर बैंक ले जाते हैं। इसलिए, यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इन बैटरियों को सुरक्षित रूप से कैसे ले जाया जाए। बाजार में 5,000mAh से लेकर 50,000mAh तक के पावर बैंक उपलब्ध हैं, लेकिन सभी हवाई यात्रा के लिए उपयुक्त नहीं होते। हमें हमेशा अपने पावर बैंक की क्षमता को ‘मिलीएम्प-घंटे’ (mAh) के बजाय ‘वॉट-घंटे’ (Watt-hour या Wh) में देखना चाहिए, क्योंकि विमानन नियम Wh रेटिंग पर आधारित होते हैं। एक सामान्य नियम के तौर पर, Wh की गणना करने के लिए, आप mAh को बैटरी के वोल्टेज (आमतौर पर 3.7V) से गुणा करके 1000 से विभाजित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक 10,000mAh का पावर बैंक (जो 3.7V पर काम करता है) लगभग 37Wh (10,000 * 3.7 / 1000) का होगा।

हवाई यात्रा में पावर बैंक के नियम: भारत और अंतर्राष्ट्रीय मानक

जब बात हवाई यात्रा में पावर बैंक ले जाने की आती है, तो भारत में DGCA और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर IATA (International Air Transport Association) के नियम काफी स्पष्ट हैं। इन नियमों का पालन करना न केवल आपकी बल्कि विमान में सवार सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। आइए इन्हें विस्तार से समझते हैं:

1. केबिन बैगेज बनाम चेक-इन बैगेज:

  • केबिन बैगेज (Carry-on Baggage): सभी लिथियम-आयन पावर बैंक और स्पेयर बैटरियों को हमेशा केबिन बैगेज में ही ले जाना चाहिए। इसका मतलब है कि आप उन्हें अपने हैंडबैग या लैपटॉप बैग में रखें जो आपके साथ विमान के अंदर जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर बैटरी में कोई समस्या आती है, तो केबिन क्रू उसे तुरंत पहचान कर आग बुझाने वाले उपकरण (fire extinguisher) से नियंत्रित कर सकता है।
  • चेक-इन बैगेज (Checked Baggage): चेक-इन बैगेज में लिथियम-आयन पावर बैंक या स्पेयर बैटरियों को ले जाना सख्त मना है। कार्गो होल्ड में आग लगने की स्थिति में उसे बुझाना अत्यंत कठिन या असंभव हो सकता है, जिससे गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

2. क्षमता सीमा (Watt-hour या Wh में):

नियमों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू Wh रेटिंग पर आधारित क्षमता सीमा है।

  • 100 Wh तक के पावर बैंक: आप 100 Wh तक की क्षमता वाले पावर बैंक या बैटरियां असीमित संख्या में (reasonable quantity) केबिन बैगेज में ले जा सकते हैं। अधिकांश स्मार्टफोन के लिए 10,000mAh और 20,000mAh के पावर बैंक इस श्रेणी में आते हैं (जैसे, 20,000mAh @ 3.7V = 74Wh)। ये आमतौर पर भारतीय यात्रियों के बीच सबसे लोकप्रिय विकल्प हैं।
  • 100 Wh से 160 Wh तक के पावर बैंक: यदि आपके पावर बैंक की क्षमता 100 Wh से अधिक लेकिन 160 Wh से कम है, तो आप उन्हें केबिन बैगेज में ले जा सकते हैं, लेकिन इनकी संख्या सीमित होती है। आमतौर पर, प्रति यात्री अधिकतम दो (2) ऐसी बैटरियां या पावर बैंक ले जाने की अनुमति होती है। इन पर एयरलाइन की पूर्व अनुमति (airline approval) की आवश्यकता हो सकती है, इसलिए यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करना बुद्धिमानी होगी। उदाहरण के लिए, 25,000mAh का पावर बैंक (जो 3.7V पर काम करता है) लगभग 92.5Wh का होगा, जबकि 40,000mAh का पावर बैंक लगभग 148Wh का होगा, जो इस श्रेणी में आता है।
  • 160 Wh से अधिक के पावर बैंक: 160 Wh से अधिक क्षमता वाले लिथियम-आयन पावर बैंक या बैटरियों को हवाई जहाज में ले जाने की बिल्कुल भी अनुमति नहीं है, न तो केबिन बैगेज में और न ही चेक-इन बैगेज में। यह नियम बड़े बैटरी पैक पर लागू होता है जिनका उपयोग ई-बाइक या कुछ विशेष मेडिकल उपकरणों में होता है। यदि आपके पास ऐसा कोई पावर बैंक है, तो आपको उसे एयरपोर्ट पर ही छोड़ना पड़ सकता है, इसलिए हमेशा अपनी बैटरी की Wh रेटिंग जांच लें।

3. सुरक्षात्मक उपाय:

पावर बैंक को ले जाते समय शॉर्ट सर्किट से बचाने के लिए उसके टर्मिनलों को इन्सुलेट करना (टेप से ढकना) या उन्हें उनके मूल पैकेजिंग में रखना अनिवार्य है। ढीली बैटरियों को आपस में टकराने से रोकना चाहिए।

“यात्रियों को अक्सर यह गलतफहमी होती है कि सभी पावर बैंक एक जैसे होते हैं। लेकिन Wh रेटिंग ही असली पैमाना है। 100 Wh की सीमा एक वैश्विक मानक है जिसे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। इस नियम की अनदेखी करना न केवल आपके लिए बल्कि सह-यात्रियों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है।” – विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ

ये नियम भारत के साथ-साथ दुनिया भर के अधिकांश देशों में लागू होते हैं। हालांकि, कुछ एयरलाइंस या देश अपने स्वयं के अतिरिक्त प्रतिबंध लगा सकते हैं, इसलिए यात्रा करने से पहले हमेशा अपनी विशिष्ट एयरलाइन की वेबसाइट (Air India, IndiGo, SpiceJet) पर ‘प्रतिबंधित वस्तुएं’ (prohibited items) या ‘खतरनाक सामान’ (dangerous goods) अनुभाग की जांच कर लेना सबसे अच्छा अभ्यास है।

अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें: पैकिंग और हैंडलिंग के महत्वपूर्ण टिप्स

हवाई यात्रा में पावर बैंक को सुरक्षित रूप से ले जाने के लिए केवल नियमों को जानना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सही तरीके से पालन करना और कुछ अतिरिक्त सावधानियां बरतना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। एक टेक एक्सपर्ट के रूप में, मैं आपको कुछ ऐसे टिप्स देना चाहूंगा जो आपकी यात्रा को और भी सुरक्षित बना देंगे:

1. Wh रेटिंग की जांच करें:

अपने पावर बैंक पर Wh रेटिंग की जांच करना सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। यह आमतौर पर पावर बैंक के लेबल पर लिखा होता है। यदि यह mAh में दिया गया है, तो इसे Wh में बदलने के लिए ऊपर दिए गए सूत्र (mAh * V / 1000) का उपयोग करें। यदि आपको Wh रेटिंग नहीं मिलती है, तो एयरलाइन स्टाफ को यह मानने का अधिकार है कि यह सीमा से अधिक है और वे इसे जब्त कर सकते हैं। हमेशा ऐसे पावर बैंक चुनें जिन पर Wh रेटिंग स्पष्ट रूप से अंकित हो।

2. शॉर्ट सर्किट से बचाएं:

पावर बैंक के मेटल टर्मिनलों को किसी भी धातु की वस्तु (जैसे चाबियां, सिक्के) के संपर्क में आने से बचाएं, जिससे शॉर्ट सर्किट हो सकता है। इसके लिए आप:

  • पावर बैंक को उसके मूल रिटेल पैकेजिंग में रखें।
  • यदि मूल पैकेजिंग नहीं है, तो टर्मिनलों को टेप से ढक दें।
  • पावर बैंक को एक अलग प्लास्टिक बैग या सुरक्षात्मक पाउच में रखें ताकि वह अन्य वस्तुओं से न टकराए।

3. क्षतिग्रस्त पावर बैंक से बचें:

अगर आपका पावर बैंक फूला हुआ दिखता है, गर्म होता है, या उसमें से अजीब गंध आती है, तो उसे बिल्कुल भी हवाई यात्रा पर न ले जाएं। ऐसे पावर बैंक में थर्मल रनअवे का खतरा बहुत अधिक होता है। क्षतिग्रस्त बैटरियों का तुरंत सुरक्षित निपटान करें। यह केवल हवाई यात्रा के लिए ही नहीं, बल्कि सामान्य उपयोग के लिए भी एक महत्वपूर्ण सुरक्षा नियम है।

4. चार्ज स्तर पर ध्यान दें:

कुछ एयरलाइंस या सुरक्षा एजेंसियां यह सलाह देती हैं कि आप अपने पावर बैंक को पूरी तरह से चार्ज न करें, बल्कि उसे लगभग 30-50% चार्ज पर रखें। हालांकि यह एक सामान्य नियम नहीं है, लेकिन कम चार्ज स्तर पर बैटरी में ऊर्जा कम होती है, जिससे संभावित घटना की गंभीरता कम हो सकती है। हालांकि, DGCA के नियमों में इस पर कोई विशेष उल्लेख नहीं है, यह एक अतिरिक्त सावधानी हो सकती है।

5. आपात स्थिति के लिए तैयार रहें:

हालांकि यह दुर्लभ है, यदि आपके पावर बैंक में कोई समस्या आती है (जैसे अत्यधिक गर्म होना या धुआं निकलना), तो तुरंत केबिन क्रू को सूचित करें। उन्हें ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। घबराएं नहीं और उनके निर्देशों का पालन करें। विमान में आग बुझाने वाले विशेष उपकरण होते हैं जो लिथियम-आयन बैटरी की आग को नियंत्रित कर सकते हैं।

“सही जानकारी और थोड़ी सी सावधानी हवाई यात्रा को सुरक्षित बना सकती है। अपने पावर बैंक की Wh रेटिंग जांचना और उसे केबिन बैगेज में सुरक्षित रूप से पैक करना दो सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं जिन्हें हर यात्री को उठाना चाहिए। यह सिर्फ नियम नहीं, बल्कि एक सुरक्षा प्रोटोकॉल है।” – रवि शर्मा, सीनियर टेक जर्नलिस्ट, androidhelper.in

इन टिप्स का पालन करके, आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका पावर बैंक आपकी यात्रा के दौरान एक सुविधा बनी रहे, न कि सुरक्षा जोखिम। याद रखें, हवाई यात्रा में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आप हमारी भारत में बेस्ट पावर बैंक गाइड भी देख सकते हैं, जिसमें आपको सुरक्षित और विश्वसनीय विकल्प मिल जाएंगे।

भारतीय यात्रियों के लिए विशेष सलाह और बाजार परिदृश्य

भारतीय बाजार में पावर बैंक की लोकप्रियता अविश्वसनीय है। हर वर्ग के लोग, छात्र से लेकर व्यवसायी तक, अपने गैजेट्स को चार्ज रखने के लिए इन पर निर्भर रहते हैं। यही वजह है कि हवाई यात्रा में पावर बैंक के नियमों की जानकारी होना भारतीय यात्रियों के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। अक्सर हमारे देश में लोग “चलता है” वाली मानसिकता रखते हैं, लेकिन हवाई यात्रा में यह रवैया महंगा पड़ सकता है।

भारतीय हवाई अड्डों पर, सुरक्षा जांच के दौरान पावर बैंक एक सामान्य वस्तु होती है। हालांकि, सुरक्षा कर्मी पूरी तरह से प्रशिक्षित होते हैं और वे Wh रेटिंग की जांच करने के लिए अधिकृत हैं। यदि आपका पावर बैंक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे जब्त किया जा सकता है, और आपको उड़ान भरने की अनुमति नहीं मिलेगी जब तक आप उसे छोड़ नहीं देते। यह एक ऐसी स्थिति है जिससे कोई भी यात्री बचना चाहेगा। इसलिए, यात्रा से पहले अपने पावर बैंक की जांच करना एक अच्छा अभ्यास है।

भारतीय बाजार में कई ब्रांड्स जैसे Xiaomi, Realme, Anker, Ambrane, और Syska अपने पावर बैंक बेचते हैं। इनमें से अधिकांश 10,000mAh से 20,000mAh की रेंज में आते हैं, जो आमतौर पर 100 Wh की सीमा के भीतर होते हैं। उदाहरण के लिए:

  • Xiaomi Mi Power Bank 3i 20000mAh: यह 3.7V पर लगभग 74Wh का होता है, जो 100Wh की सीमा में आता है। कीमत लगभग ₹1,800 – ₹2,500 के बीच होती है।
  • Realme 10000mAh Power Bank: यह 3.7V पर लगभग 37Wh का होता है, जो आसानी से अनुमेय है। कीमत लगभग ₹900 – ₹1,300 के बीच होती है।
  • Anker PowerCore 20000mAh: यह भी 3.7V पर लगभग 74Wh का होता है। कीमत थोड़ी अधिक, लगभग ₹3,000 – ₹4,000 के बीच होती है, लेकिन Anker अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है।

हालांकि, कुछ बड़े पावर बैंक भी उपलब्ध हैं, जैसे 30,000mAh या 40,000mAh वाले, जो 100 Wh से अधिक हो सकते हैं। भारतीय ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे खरीदने से पहले हमेशा Wh रेटिंग की जांच करें, खासकर अगर वे अक्सर हवाई यात्रा करते हैं। एक उच्च क्षमता वाला पावर बैंक जिसका Wh रेटिंग स्पष्ट रूप से उल्लिखित न हो, एयरपोर्ट पर परेशानी का कारण बन सकता है। आप अपने गैजेट्स के लिए अधिक जानकारी के लिए हमारे गैजेट्स सेक्शन को भी देख सकते हैं।

कुछ भारतीय एयरलाइंस (Vistara, GoAir – अब Go First, भले ही वर्तमान में ऑपरेशनल नहीं) अपनी वेबसाइटों पर इन नियमों को स्पष्ट रूप से बताती हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी एयरलाइन की वेबसाइट पर ‘प्रतिबंधित वस्तुएं’ या ‘सामान्य प्रश्न’ अनुभाग की जांच करें। यह सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप नियमों से पूरी तरह वाकिफ हैं। जागरूकता अभियानों और एयरपोर्ट पर साइनबोर्ड के बावजूद, अभी भी बहुत से यात्री इन नियमों से अनभिज्ञ रहते हैं, जिससे अनावश्यक देरी और असुविधा होती है।

एक्सपर्ट की राय: हवाई सुरक्षा और तकनीकी प्रगति

तकनीकी प्रगति और हवाई सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना हमेशा एक चुनौती रही है। एक तरफ, हम अपने गैजेट्स को हर समय चार्ज रखना चाहते हैं, और दूसरी तरफ, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि उड़ान सुरक्षित रहे। लिथियम-आयन बैटरियों की बढ़ती ऊर्जा घनत्व (energy density) के साथ, सुरक्षा प्रोटोकॉल भी लगातार विकसित हो रहे हैं।

“लिथियम-आयन बैटरी तकनीक लगातार आगे बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही सुरक्षा मानकों को भी मजबूत करना आवश्यक है। विमानन उद्योग में, शून्य जोखिम की स्थिति हासिल करना मुश्किल है, लेकिन हम हमेशा जोखिमों को कम करने का प्रयास करते हैं। यात्रियों द्वारा नियमों का पालन करना इस सुरक्षा श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।” – एक वरिष्ठ विमानन सुरक्षा अधिकारी

उद्योग के विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि बैटरी निर्माताओं को अपनी उत्पादों पर Wh रेटिंग को और अधिक स्पष्ट रूप से अंकित करना चाहिए। यह यात्रियों के लिए नियमों को समझना और उनका पालन करना आसान बना देगा। इसके अलावा, एयरलाइंस और एयरपोर्ट अधिकारियों को यात्रियों के बीच इन नियमों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए। एक सरल ग्राफिकल प्रतिनिधित्व या स्पष्ट साइनेज, जो अक्सर भारतीय भाषाओं में भी हो, बहुत मददगार हो सकता है।

भविष्य में, हम शायद सॉलिड-स्टेट बैटरियों (solid-state batteries) जैसी नई बैटरी तकनीकों को देख सकते हैं, जो लिथियम-आयन बैटरियों की तुलना में अधिक सुरक्षित और स्थिर होने का वादा करती हैं। यदि ये तकनीकें व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य हो जाती हैं, तो हवाई यात्रा के दौरान बैटरी सुरक्षा नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकते हैं। लेकिन तब तक, हमें मौजूदा नियमों का पालन करना होगा। वर्तमान में, कई शोधकर्ता और इंजीनियर ऐसी बैटरियों पर काम कर रहे हैं जो अधिक ऊर्जा स्टोर कर सकें और साथ ही थर्मल रनअवे के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकें। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां नवाचार और सुरक्षा साथ-साथ चलते हैं।

हमारी राय

एक सीनियर टेक जर्नलिस्ट के तौर पर, मेरा मानना है कि हवाई यात्रा में पावर बैंक ले जाने के नियम यात्रियों की सुविधा को प्रतिबंधित करने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। लिथियम-आयन बैटरियों की क्षमता और उनके संभावित जोखिमों को देखते हुए, इन नियमों का पालन करना न केवल अनिवार्य है बल्कि यह हर जिम्मेदार यात्री का कर्तव्य भी है। एयरपोर्ट पर अंतिम समय में होने वाली परेशानी से बचने के लिए, अपनी यात्रा की योजना बनाते समय ही अपने पावर बैंक की Wh रेटिंग जांच लें और उसे केबिन बैगेज में सुरक्षित रूप से पैक करें। एक अच्छी गुणवत्ता वाला पावर बैंक खरीदें जिस पर सभी स्पेसिफिकेशन्स स्पष्ट रूप से अंकित हों। याद रखें, थोड़ी सी सावधानी आपकी यात्रा को सुरक्षित और सुखद बना सकती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

हवाई यात्रा में पावर बैंक को चेक-इन बैगेज में क्यों नहीं ले जा सकते?

पावर बैंक में लिथियम-आयन बैटरियां होती हैं जिनमें शॉर्ट सर्किट या अत्यधिक गर्मी के कारण आग लगने का खतरा होता है। चेक-इन बैगेज विमान के कार्गो होल्ड में होता है, जहां आग लगने की स्थिति में उसे तुरंत नियंत्रित करना असंभव होता है, जिससे गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकते हैं। इसलिए, सुरक्षा कारणों से इन्हें हमेशा केबिन बैगेज में ही ले जाना चाहिए ताकि किसी भी घटना को तुरंत संभाला जा सके।

मैं कैसे पता करूं कि मेरे पावर बैंक की Wh रेटिंग कितनी है?

आपके पावर बैंक की Wh रेटिंग आमतौर पर उसके लेबल या पैकेजिंग पर स्पष्ट रूप से लिखी होती है। यदि यह केवल mAh में दी गई है, तो आप इसे Wh में बदल सकते हैं। अधिकांश पावर बैंक 3.7V पर काम करते हैं। Wh की गणना के लिए, mAh को 3.7 से गुणा करें और फिर 1000 से विभाजित करें (उदाहरण: 20,000mAh * 3.7V / 1000 = 74Wh)।

हवाई यात्रा के लिए अधिकतम कितने Wh का पावर बैंक ले जा सकते हैं?

हवाई यात्रा के लिए आप 100 Wh तक के पावर बैंक केबिन बैगेज में असीमित संख्या में ले जा सकते हैं। 100 Wh से 160 Wh तक के पावर बैंक के लिए एयरलाइन की पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है और आप प्रति यात्री अधिकतम दो ऐसे पावर बैंक ले जा सकते हैं। 160 Wh से अधिक क्षमता वाले पावर बैंक को हवाई जहाज में ले जाने की बिल्कुल भी अनुमति नहीं है।

क्या क्षतिग्रस्त या फूला हुआ पावर बैंक हवाई यात्रा पर ले जा सकते हैं?

नहीं, क्षतिग्रस्त, फूला हुआ, अत्यधिक गर्म होने वाला, या अजीब गंध वाला पावर बैंक हवाई यात्रा पर ले जाना सख्त मना है। ऐसे पावर बैंक में थर्मल रनअवे (आग लगने या विस्फोट होने) का खतरा बहुत अधिक होता है। सुरक्षा कारणों से, ऐसे पावर बैंक का तुरंत सुरक्षित निपटान करना चाहिए और यात्रा पर नहीं ले जाना चाहिए।

पावर बैंक को केबिन बैगेज में सुरक्षित रूप से कैसे पैक करें?

पावर बैंक को केबिन बैगेज में सुरक्षित रूप से पैक करने के लिए, उसके मेटल टर्मिनलों को टेप से ढक दें या उसे उसके मूल पैकेजिंग में रखें ताकि शॉर्ट सर्किट से बचा जा सके। इसे अन्य धातु की वस्तुओं जैसे चाबियों या सिक्कों से दूर एक अलग पाउच या बैग में रखना चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि यह किसी भी तरह की शारीरिक क्षति से सुरक्षित रहे।


📌 Source: https://www.livemint.com/technology/one-tech-tip-what-to-know-about-flying-with-lithium-ion-portable-battery-chargers-11780545677369.html

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